होनासा कंज्यूमर, नाल्को और वेदांता के शेयरों में जबरदस्त हलचल देखी गई। जानिए इसके पीछे की मुख्य वजहें

होनासा कंज्यूमर लिमिटेड, जो मामाअर्थ और द डर्मा कंपनी जैसे एफएमसीजी ब्रांडों का मालिक है, के शेयरों में सोमवार को 20% की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने सितंबर तिमाही में इन्वेंट्री करेक्शन के कारण 18.57 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नुकसान दर्ज किया। बीएसई पर कंपनी का शेयर 20% की गिरावट के साथ 295.80 रुपये पर आ गया, जबकि एनएसई पर यह 19.99% गिरकर 297.25 रुपये पर बंद हुआ। 

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होनासा कंज्यूमर लिमिटेड, जो मामाअर्थ और द डर्मा कंपनी जैसे एफएमसीजी ब्रांडों का मालिक है, के शेयरों में सोमवार को 20% की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने सितंबर तिमाही में इन्वेंट्री करेक्शन के कारण 18.57 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नुकसान दर्ज किया। बीएसई पर कंपनी का शेयर 20% की गिरावट के साथ 295.80 रुपये पर आ गया, जबकि एनएसई पर यह 19.99% गिरकर 297.25 रुपये पर बंद हुआ। 


कंपनी ने जानकारी दी कि सालाना आधार पर उसका टैक्स के बाद मुनाफा 29.43 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका परिचालन से राजस्व 6.9% घटकर 461.82 करोड़ रुपये पर आ गया। 


होनासा कंज्यूमर के चेयरमैन और सीईओ वरुण अलघ ने कहा कि कंपनी अपने डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस तिमाही में शीर्ष 50 शहरों में सुपर-स्टॉकिस्ट से सीधे वितरकों की ओर बदलाव की रणनीति अपनाई गई है। इस बदलाव ने राजस्व और मुनाफे पर असर डाला, जिससे मामाअर्थ को मंदी का सामना करना पड़ा। 


मेटल स्टॉक्स में तेजी

चीन की नई घोषणाओं के कारण सोमवार को मेटल स्टॉक्स में जबरदस्त उछाल देखा गया। नाल्को लिमिटेड, वेदांता लिमिटेड और हिंडाल्को लिमिटेड के शेयरों में करीब 12% तक की बढ़त हुई। नाल्को के शेयर 11.34% उछलकर 244.81 रुपये पर पहुंच गए, जबकि हिंडाल्को 5.28% बढ़कर 660.50 रुपये पर और वेदांता 4.30% बढ़कर 452.05 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। 


चीन ने घोषणा की है कि 1 दिसंबर, 2024 से एल्युमीनियम और कॉपर उत्पादों पर मिलने वाली 13% निर्यात कर छूट खत्म कर दी जाएगी। इस घोषणा के कारण लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर एल्युमीनियम की कीमतों में 8.5% तक का उछाल देखा गया, जो अंत में 5.5% की बढ़त के साथ बंद हुई। 


विशेषज्ञों का मानना है कि एल्युमीनियम की कीमतों में आगे और तेजी देखने को मिल सकती है, जिससे मेटल कंपनियों को फायदा होगा। ब्रोकरेज फर्मों ने पहले ही नाल्को के शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ा दिया था।