व्रत को सफल बनाने के लिए पूजा थाली में इन चीजों का होना बेहद जरूरी है
सनातन धर्म में हर तिथि का किसी न किसी देवी-देवता से विशेष संबंध होता है। इसी प्रकार, एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को "सफला एकादशी" के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष सफला एकादशी का व्रत 26 दिसंबर 2024 को रखा जाएगा।
सनातन धर्म में हर तिथि का किसी न किसी देवी-देवता से विशेष संबंध होता है। इसी प्रकार, एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को "सफला एकादशी" के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष सफला एकादशी का व्रत 26 दिसंबर 2024 को रखा जाएगा।
मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में सफलता आती है और उसके सभी कार्य पूर्ण होते हैं। यदि आप भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो सफला एकादशी की पूजा में कुछ खास सामग्री का उपयोग करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं, सफला एकादशी की पूजा में किन-किन सामग्रियों की आवश्यकता होती है।
सफला एकादशी पूजा सामग्री
1. घी
2. पीला चंदन
3. लौंग
4. आम के पत्ते
5. गोपी चंदन
6. पूजा की चौकी
7. पीला या लाल वस्त्र
8. हल्दी
9. फूल
10. नारियल
11. सुपारी
12. ऋतु फल
13. दूध-दही
14. शहद
15. पान
16. धूप, दीपक और बत्ती
17. अक्षत (चावल)
18. कुमकुम
19. मिठाई
20. पंचमेवा
21. हवन कुंड
22. तुलसी दल
23. हवन सामग्री
24. गंगाजल और शुद्ध जल
25. एकादशी कथा की पुस्तक
26. देवी लक्ष्मी के श्रृंगार की सामग्री
सफला एकादशी के नियम
1. इस दिन चावल और तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
2. सुबह भगवान विष्णु की पूजा के बाद दिन में सोने से बचना चाहिए।
3. भगवान विष्णु के नामों का जाप करना शुभ माना जाता है।
4. पीले वस्त्र धारण करना चाहिए, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु को प्रिय है।
5. तुलसी के पत्तों को तोड़ने से बचना चाहिए।
6. व्रत का पारण द्वादशी तिथि को करना चाहिए।
दान का महत्व
व्रत समाप्त करने के बाद अन्न, धन, और अन्य सामग्री का दान करना चाहिए। यह माना जाता है कि दान करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के सुख और समृद्धि प्राप्त होती है।
Comments
No Comments

Leave a Reply