जम्मू-कश्मीर के नए मुख्यमंत्री के रूप में उमर अब्दुल्ला का नाम तय, विधायक दल के नेता के रूप में सर्वसम्मति से चुने गए।

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस का गठबंधन सफल रहा है। दोनों पार्टियां मिलकर केंद्रशासित प्रदेश में 48 सीटें जीतने में सफल रही हैं। आर्टिकल 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर को अब पहला मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। इसी संदर्भ में आज नेशनल कॉन्फ्रेंस की विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें उमर अब्दुल्ला को सर्वसम्मति से नेता चुना गया।

स्टोरी हाइलाइट्स
  • Jammu Kashmir New CM

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस का गठबंधन सफल रहा है। दोनों पार्टियां मिलकर केंद्रशासित प्रदेश में 48 सीटें जीतने में सफल रही हैं। आर्टिकल 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर को अब पहला मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। इसी संदर्भ में आज नेशनल कॉन्फ्रेंस की विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें उमर अब्दुल्ला को सर्वसम्मति से नेता चुना गया।


नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस ने 6 सीटों पर विजय प्राप्त की। अब सभी की नजरें नए मुख्यमंत्री पर हैं। 


डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने बैठक की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी नवनिर्वाचित विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में उमर अब्दुल्ला को नेता बनाने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस से समर्थन पत्र प्राप्त करने की औपचारिकता बाकी है। जैसे ही यह प्राप्त होगा, उमर अब्दुल्ला राजभवन जाकर उपराज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।


बैठक का आयोजन श्रीनगर में दोपहर साढ़े बारह बजे किया गया। पहले से ही यह तय था कि नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला केंद्र शासित प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बनेंगे। नई सरकार शनिवार या सोमवार को शपथ ले सकती है।


नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता सलमान सागर ने कहा कि यह निर्णय हमारे लिए गर्व का पल है। हम सभी इस निर्णय से खुश हैं और यह सर्वसम्मति से लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि चार निर्दलीय विधायक भी उनके साथ शामिल हुए हैं।


इसके अलावा, इंजीनियर रशीद ने अनुच्छेद 370 पर उमर अब्दुल्ला के यूटर्न को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि 'सरकार बनी नहीं, और ये दिल्ली के आगे झुकने लगे हैं।'